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    Thursday, 9 March 2017

    गेस्ट हाउस कांड' ! जिसके बाद मायावती ने कभी मुलायम से नहीं मिलाया हाथ

    गेस्ट हाउस कांड' ! जिसके बाद मायावती ने कभी मुलायम से नहीं मिलाया हाथ


    'गेस्ट हाउस कांड' ! जिसके बाद मायावती ने कभी मुलायम से नहीं मिलाया हाथ
    लखनऊ : उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति कभी लंबी नहीं चली है. बीएसपी और एसपी भी पहले गठबंधन कर चुके हैं लेकिन, तब भी ये गठबंधन लंबा नहीं चला था. 1995 में गठबंधन टूटने पर गेस्ट हाउस कांड हुआ था. जिसके बाद मुलायम और मायावती ने कभी हाथ नहीं मिलाया. जानिए आखिर क्या है गेस्टहाउस कांड.
    अखिलेश यादव के एक बयान के बाद गठबंधन की चर्चा गर्म हुई
    असल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के एक बयान के बाद गठबंधन की चर्चा गर्म हुई. इस बयान में उन्होंने इशारा किया है कि वे बीएसपी के साथ हाथ मिला सकते हैं. ये चुनाव के बाद का गठबंधन है, लेकिन 1993 में मुलायम और बीएसपी सुप्रीमो कांशीराम ने हाथ मिलाया था.

    मुलायम 256 सीट पर लड़े और बीएसपी को 164 सीट दी थीं
    उस समय उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश का हिस्सा था और कुल सीट थीं 422. मुलायम 256 सीट पर लड़े और बीएसपी को 164 सीट दी थीं. चुनाव में एसपी और बीएसपी गठबंधन जीता. एसपी को 109 और बीएसपी को 67 सीट मिली थीं इसके बाद मुलायम सिंह यादव बीएसपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने.
    1995 को मायवती पर गेस्ट हाउस के कमरा नंबर एक में हमला हुआ
    कार्यकर्ताओं की भीड़ ने अचानक गेस्ट हाउस पर हमला बोल दिया
    तभी दोपहर करीब तीन बजे कथित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भीड़ ने अचानक गेस्ट हाउस पर हमला बोल दिया. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मायावती और बीएसपी विधायकों को सबक सिखाने की बात कह रहे थे. मायावती को गंदी-गंदी गालियां दी जा रही थीं. कई घंटों तक मायावती को कमरे में बंद रहना पड़ा.
    इसी के बाद से मायवती और मुलायम सिंह के रिश्ते खराब हो गए
    इसी के बाद से मायवती और मुलायम सिंह के रिश्ते खराब हो गए. उसके बाद से 24 साल तक दोनों दलों के बीच ना तो चुनाव पूर्व और ना ही चुनाव के बाद कोई गठबंधन हुआ है. अब देखना यह है कि गेस्ट हाउस कांड से एसपी-बीएसपी में हुई दुश्मनी क्या अपना रुख बदलती है ?

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